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जब भागा बाली हनुमान जी के डर से

किष्किन्धा के राजा महाबली बाली में 100 हाथियों के बराबर बल था। जिसने लंकापति रावण को अपनी काँख में दबा कर पूरी पृथ्वी में घुमाया था, जिसे वरदान था कि शत्रु की आधी शक्ति उसके शरीर में आ जायेगी। उसे भी हनुमान जी के डर से भागना पड़ा।
आप सोच रहे होंगे कि जिसने रावण जैसे महायोद्धा को भी हरा दिया और किसी से भी नहीं हरा, वह हनुमान जी के डर से कैसे भाग गया? जी हाँ! हनुमान जी ही एक ऐसे देवता है जिसके सामने कोई नहीं टिक सका। आइये पढ़े यह कहानी।

ब्रह्मा जी के वरदान से महाबली बाली एक अजय योद्धा बन गया था। उसे वरदान था कि शत्रु की आधी शक्ति उसके शरीर में प्रवेश कर जाएगी। ऐसा वरदान पाकर महाबली बाली घमंड से चूर हो गया।


एक बार हनुमान जी राम भक्ति में लीन थे। तभी वहां बाली आया और उत्पात मचाने लगा जिससे हनुमान जी की भक्ति में बाधा उत्पन्न होने लगी। हनुमान जी ने उससे विनती की पर बाली नहीं माना और हनुमान जी को युद्ध करने के लिए ललकारने लगा। हनुमान जी ने मना कर दिया और उसे श्री राम की भक्ति के लिए कहा परंतु बाली ने कहा कि यदि अपने श्री राम पर इतना ही विवास है तो युद्ध करके मुझे हराओं। जब बाली नहीं माना तो हनुमान जी युद्ध के लिए तैयार हो गए।

एक निश्चित दिन युद्ध के लिए चुना गया। यह सब ब्रह्मा जी देव लोक से देख रहे थे। वे हनुमान जी के पास आए और उन्हें युद्ध न करने के लिए कहा परंतु हनुमानजी ने कहा कि श्री राम नाम के मान के लिए वे युद्ध करने जरुर जरुर करेंगे । तब ब्रह्मा जी ने विनती की कि आप अपनी शक्ति का 10% ही भाग लेकर युद्ध में जाएं। हनुमान जी ने वचन दे दिया।

युद्ध का समय गया हनुमानजी और बाली आमने सामने थे। क्योंकि बाली को वरदान था कि शत्रु की आधी शक्ति उसके शरीर में आ जाएगी तो हनुमान जी की आधी शक्ति बाली के शरीर में समाहित हो गई परंतु जैसे ही हनुमान जी की आधी शक्ति बाली के शरीर में आई बाली का शरीर फटने लगा। वह दर्द से तड़पने लगा। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। तभी ब्रह्माजी उसके सामने प्रकट हुए और बाली से बोले कि यदि तुम जीवित रहना चाहते हो तो हनुमानजी से दूर भाग जाओ नहीं तो तुम्हारा शरीर फट जाएगा यह सुनकर बाली वहां से भाग गया।

जब बाली का शरीर सामान्य हुआ तो उसने ब्रह्मा जी से इसका कारण पूछा तब ब्रह्मा जी ने बताया की हनुमान जी की आधी शक्ति तुम्हारे शरीर में आ गई थी परंतु हनुमान जी युद्ध में केवल अपनी शक्ति का 10% ही भाग लेकर आए थे, यदि में पूरी शक्ति अपने साथ लाते तो तुम्हारा शरीर उसी क्षण फट जाता। हनुमान जी तो महाबली, महाशक्तिशाली है उनकी शक्ति के सामने कोई नहीं टिक सकता।
बाली को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने जाकर हनुमान जी से माफी मांगी।
तो देखा आपने यह है हमारे हनुमान जी महाबली महाशक्तिशाली रुद्रावतार!!
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