आज के बोल
राम तेज बल बुधि बिपुलाई। सेष सहस सत सकहिं न गाई ॥
भगवान शिव के रूद्र अवतार – हनुमानजी | Bhagavan shiv ke roodr avatar - hanumanaji
भगवान शिव के रूद्र अवतार – हनुमानजी | Bhagavan shiv ke roodr avatar - hanumanaji

जब जब हम रामायण की बात करते हे तो उसमे भगवान श्री राम, माता जानकी, भ्राता लक्ष्मण और वानरराज सुग्रीव के साथ साथ एक मुख्य योद्धा का नाम भी सुनते हे जिनका नाम हनुमानजी था. भक्ति ,समर्पण ,सेवा ,ब्रह्मचर् ...

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श्रीरामायण के अनुसार जानिए सबसे महान पुण्य और भयंकर पाप | SHriramayan ke anusar janie sabase mahan puny aur bhayankar pap
श्रीरामायण के अनुसार जानिए सबसे महान पुण्य और भयंकर पाप | SHriramayan ke anusar janie sabase mahan puny aur bhayankar pap

  श्री रामचरित मानस के उत्तरकांड में गरुड़ जी काकभुशुंडिजी से पूछते हैं, ‘‘कौन-सा दुख सबसे बड़ा है और कौन-सा सुख सबसे बड़ा है? आप संत और असंत के मर्म (भेद) को जानते हैं, उनके सहज स्व ...

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आप भी कर सकते हैं हनुमान जी के साक्षात दर्शन, बस पूरी करनी होगी दो शर्ते | AAp bhi kar sakate hain hanuman ji ke sakshat darshan, bas poori karani hogi do sharte
आप भी कर सकते हैं हनुमान जी के साक्षात दर्शन, बस पूरी करनी होगी दो शर्ते | AAp bhi kar sakate hain hanuman ji ke sakshat darshan, bas poori karani hogi do sharte

  मंदिर जाकर तो बहुत सारे देवी-देवताओं के दर्शन किए जा सकते हैं लेकिन धरती पर राम भक्त हनुमान जी के दर्शन कभी भी किए जा सकते हैं बस पूरी करनी होगी दो शर्ते। जब श्रीराम भूलोक से बैकुण्ठ को चले ग ...

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हनुमान जी की पूंछ में करती थी देवी पार्वती निवास | Hanuman ji ki poonchh men karati thi devi parvati nivas
हनुमान जी की पूंछ में करती थी देवी पार्वती निवास | Hanuman ji ki poonchh men karati thi devi parvati nivas

  भोले शंकर ने माता पार्वती का मनोरथ पूर्ण करने के लिए कुबेर से कहलवाकर स्वर्ण का भव्य महल बनवाया। रावण की दृष्टि जब इस महल पर पड़ी तो उसने सोचा इतना सुंदर महल तो त्रिलोकी में किसी के पास नहीं ह ...

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राम काज में सहयोग के लिए कैकेयी ने स्वीकारा कलंक का टीका | Ram kaj men sahayog ke lie kaikeyi ne svikara kalank ka tika
राम काज में सहयोग के लिए कैकेयी ने स्वीकारा कलंक का टीका | Ram kaj men sahayog ke lie kaikeyi ne svikara kalank ka tika

  महाराज दशरथ ने कैकेय नरेश की राजकुमारी कैकेयी से विवाह किया। यह महाराज का अंतिम विवाह था। महारानी कैकेयी अत्यंत पति परायणा थीं। महाराज उनसे सर्वाधिक प्रेम करते थे। देवताओं और असुरों में संग्र ...

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